
आष्टा | श्रावण मास के दूसरे सोमवार को यातायात पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था संभालने में पूरी मुस्तैदी दिखाई। पार्वती नदी के तट स्थित प्राचीन शंकर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने मार्ग एवं यातायात व्यवस्था सुचारू रखी। इसके बाद पुराना बस स्टैंड, पुरानी सब्जी मंडी, तहसील चौराहा, कॉलोनी चौराहा और भोपाल नाका सहित अन्य क्षेत्रों में भ्रमण कर यातायात व्यवस्था संचालित की गई।
वहीं श्री कुबेरेश्वर धाम में कावड़ यात्रा के चलते क्रिसेंट चौराहा और अमलाहा में डायवर्शन व्यवस्था की गई, जहां पहुंचकर यातायात पुलिस ने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से निकाला। कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 5 चालान बनाए गए और 4,500 रुपए का समन शुल्क वसूला गया। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित वाहन चलाने की समझाइश भी दी गई।
ट्रैफिक पुलिस रोज सड़क पर, नगर परिषद कहां?
एक तरफ यातायात पुलिस शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था को लेकर लगातार सक्रिय नजर आती है, वहीं दूसरी ओर नगर परिषद की कथित उदासीनता के चलते रेंजरी के सामने अतिक्रमण का दायरा फिर सड़क तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
बताया जाता है कि पूर्व सीएमओ द्वारा रेंजरी के सामने लगे ठेलों को हटाकर निर्धारित स्थान पर खड़ा करने के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए तार फेंसिंग और लोहे के पाइप भी लगाए गए थे, लेकिन अब लोहे के पाइप गायब हैं और ठेले फिर सड़क तक पहुंच गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इन व्यवस्थाओं की निगरानी कौन कर रहा है?
अस्पताल के बाहर ठेले, ऊपर से माइक का शोर
सरकारी अस्पताल के बाहर भी ठेलों के कारण अतिक्रमण की स्थिति बनी हुई है। आरोप है कि कुछ ठेलों पर माइक लगाकर तेज आवाज में प्रचार किया जाता है, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जब यातायात पुलिस अपने स्तर पर रोजाना व्यवस्था संभाल सकती है तो नगर परिषद अपने क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और निर्धारित स्थानों को बनाए रखने में इतनी लापरवाह क्यों है?
शहरवासियों का कहना है कि अतिक्रमण केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि आम लोगों की परेशानी का कारण बन रहा है। जरूरत है कि नगर परिषद और यातायात पुलिस संयुक्त रूप से कार्रवाई कर सड़क पर फैलते अतिक्रमण और अस्पताल के बाहर अव्यवस्था
पर प्रभावी रोक लगाए।
ट्रैफिक पुलिस सड़क पर दिख रही है सक्रिय, लेकिन नगर परिषद की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल—आखिर सड़क खाली कराने की जिम्मेदारी किसकी?

पर प्रभावी रोक लगाए।





